न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 16 मई 2026 जामताड़ा। सुहाग और पति की दीर्घायु के प्रतीक माने जाने वाले वट सावित्री व्रत को लेकर शनिवार को जामताड़ा जिला और आसपास के इलाकों में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक परिधान और पूजा सामग्री के साथ वट वृक्ष के पास पहुंचीं, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की प्रार्थना की गई। शहर के मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक माहौल बना रहा।जिले के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर वट वृक्ष की परिक्रमा की और सूत बांधकर अखंड सौभाग्य की कामना की। पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ सुबह से ही उमड़ पड़ी। कई महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाते हुए सामूहिक रूप से पूजा संपन्न की, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।चित्तरंजन और मिहिजाम के कई इलाकों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से कथा श्रवण भी किया। वट सावित्री व्रत की पौराणिक मान्यताओं और सावित्री-सत्यवान की कथा को सुनते हुए महिलाओं ने वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बुजुर्ग महिलाओं ने नई पीढ़ी को इस पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के बारे में जानकारी दी।पूजा में शामिल महिलाओं ने बताया कि वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से उपवास रखती हैं और पति की लंबी उम्र के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगती हैं। कई महिलाओं ने कहा कि यह पर्व परिवार को जोड़ने और परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश भी देता है।वट सावित्री पूजा को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल रही। पूजा सामग्री, फल, फूल, सिंदूर, चुनरी और मिट्टी के दीपकों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखी गई। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पर्व को लेकर सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।इस अवसर पर कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कहीं भजन-कीर्तन हुआ तो कहीं सामूहिक पूजा का आयोजन किया गया। पूरे मिहिजाम क्षेत्र में वट सावित्री पर्व श्रद्धा, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर नजर आया।
अखंड सौभाग्य की कामना में जुटीं महिलाएं, जामताड़ा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया वट सावित्री पर्व
