अब सिर्फ आलू नहीं, गुड़-सेब और माल्टा भी रहेंगे सुरक्षित; जामताड़ा के कोल्ड स्टोरेज ने बढ़ाई सुविधाएं

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 जून 2026 जामताड़ा। जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड स्थित सालुका गांव में संचालित स्टोर फ्रेश कोल्ड स्टोरेज ने किसानों और व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी भंडारण सेवाओं का दायरा बढ़ा दिया है। आधुनिक तकनीक से लैस इस कोल्ड स्टोरेज में अब केवल आलू और महुआ ही नहीं, बल्कि गुड़, इमली, माल्टा संतरा और सेब जैसे कृषि एवं बागवानी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।प्रबंधन के अनुसार क्षेत्र में कृषि उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। लंबे समय तक उत्पादों को सुरक्षित रखने की सुविधा मिलने से किसानों को अपनी उपज जल्दबाजी में बेचने की मजबूरी नहीं होगी। वे बाजार की अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार कर बेहतर कीमत पर अपनी फसल बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन ने बताया कि अब तक आलू और महुआ के भंडारण का कार्य सफलतापूर्वक संचालित किया जा चुका है। वहीं, बाजार की बढ़ती मांग और किसानों की जरूरतों को देखते हुए नई उत्पाद श्रेणियों को भी भंडारण सूची में शामिल किया गया है। खासकर गुड़, इमली और फलों के लिए वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।प्रबंधन का कहना है कि कृषि उत्पादों के संरक्षण की बेहतर व्यवस्था से फसल की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है और नुकसान की संभावना कम हो जाती है। इससे किसानों के साथ-साथ व्यापारियों और कृषि उत्पाद संग्राहकों को भी आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।इसके साथ ही कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखे गए आलू की बिक्री प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए आसपास के व्यापारियों, थोक खरीदारों और अन्य इच्छुक पक्षों से संपर्क करने की अपील की गई है। प्रबंधन का मानना है कि इस सुविधा के विस्तार से क्षेत्र में कृषि आधारित व्यापार को नई गति मिलेगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।स्टोर फ्रेश कोल्ड स्टोरेज ने किसानों एवं व्यापारियों से अपील की है कि वे उपलब्ध आधुनिक भंडारण सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही भविष्य में किसानों की मांग और आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य कृषि एवं बागवानी उत्पादों के भंडारण की व्यवस्था भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

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