न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 29 सितंबर जामताड़ा। फतेहपुर प्रखंड की सिमलडंगाल पंचायत से सरकारी पेंशन व्यवस्था में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां की वृद्ध महिला विमला देवी ने उपायुक्त के जनता दरबार में पहुंचकर शिकायत की कि भौतिक सत्यापन के दौरान उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया। इसके बाद उनकी पेंशन भी बंद हो गई। अब मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जांच के निर्देश दिए हैं।जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं विमला देवी ने बताया कि वह पूरी तरह जीवित हैं और नियमित रूप से अपना जीवन-यापन कर रही हैं, लेकिन सरकारी अभिलेख में उन्हें मृत दर्शाए जाने के कारण पेंशन का भुगतान रोक दिया गया। पेंशन बंद होने से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।शिकायत सुनने के बाद उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी कर्मचारी या पंचायत स्तर के कर्मी की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।घटना के बाद लाभुकों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जीवित महिला को मृत घोषित करने की स्थिति आखिर किस स्तर पर बनी और पेंशन बंद करने से पहले संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किस प्रकार किया गया।अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड में विमला देवी को मृत दर्ज करने के पीछे वास्तविक कारण क्या था। प्रशासन के सामने उनकी पेंशन दोबारा शुरू कराने के साथ-साथ सरकारी रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार कराने की चुनौती भी है।स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा है कि यदि सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य जीवित लाभुक को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिंदा वृद्धा को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ दिखाया, पेंशन हुई बंद; डीसी ने जांच के दिए निर्देश

