न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 9 मई 2026 मिहिजाम। मिहिजाम के मल्लिक पाड़ा मोड़ स्थित भवोरानी भवन शनिवार की शाम साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बन गया, जब झारखंड बंगाली समिति, मिहिजाम शाखा द्वारा विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की 165वीं जयंती भावपूर्ण माहौल में मनाई गई। आयोजन में बंगाली समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कविगुरु के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक उल्लास और साहित्यिक गरिमा की झलक देखने को मिली।कार्यक्रम की शुरुआत सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका कविता बसु द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने बारी-बारी से कविगुरु के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। महिला मंडली द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध रविन्द्र संगीत “आगुनेर पोरोसमनी” ने माहौल को भावुक और सुरमय बना दिया। गीत की मधुर प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।सांस्कृतिक कार्यक्रम के क्रम में नन्ही कलाकार कियारा दत्ता ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं समिति की सचिव प्रियंका दास ने अपने संबोधन में रवींद्रनाथ ठाकुर के साहित्यिक योगदान, शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सोच, मानवता के प्रति उनके दृष्टिकोण और सामाजिक चेतना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कविगुरु का साहित्य आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।कार्यक्रम के दौरान आगामी 31 मई को आयोजित होने वाले “रविंद्र-नजरुल संध्या” कार्यक्रम की तैयारियों और समिति की आगामी सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। कविता बसु ने अपने संबोधन में नई पीढ़ी को कविगुरु के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया और उनके जीवन-दर्शन को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया।समारोह के सफल आयोजन में समिति की अध्यक्ष नूपुर सरकार, कोषाध्यक्ष पार्थ दास, आलो मुखर्जी, सुकुमार मंडल, जॉली चक्रवर्ती, मोनिका चौधरी, शर्मिष्ठा जायसवाल, रूमा मंडल, कल्पना मंडल, जोगमाया साहा, कल्याणी चौधरी, कल्पना चौधरी, सिद्धू दास, रीना दत्ता और नमिता घोष सहित कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कविगुरु की जयंती पर मिहिजाम में बही संस्कृति की बयार, गीत-संगीत और नृत्य से सजा भवोरानी भवन
