न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 23 मई 2026 न्यू दिल्ली। नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के इंदिरा भवन में आयोजित नेशनल एडवाइजरी काउंसिल, माइनॉरिटी डिपार्टमेंट की अहम बैठक में देशभर से पहुंचे मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक न्याय तथा अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक का प्रमुख केंद्र संगठन को और अधिक सक्रिय एवं जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने की रणनीति रही। प्रतिनिधियों को खुलकर अपने विचार और सुझाव रखने का अवसर दिया गया। इस दौरान राहुल गांधी ने संवाद को कांग्रेस की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर विचारों की स्पष्टता और खुलापन संगठन को नई ऊर्जा देता है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से क्षेत्रीय समस्याओं और सुझावों को सामने रखने का आग्रह किया ताकि संगठनात्मक ढांचे को और प्रभावी बनाया जा सके।बैठक में झारखंड कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मंजूर अंसारी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के कार्यों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. अंसारी लगातार दलित, आदिवासी, गरीब और अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं और उनकी जनस्वीकृति लगातार बढ़ रही है।अपने संबोधन में डॉ. इरफान अंसारी ने राहुल गांधी को संघर्षशील नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाएं और संगठन की विचारधारा को आगे बढ़ाएं। उन्होंने विपक्षी नेताओं की छवि को प्रभावित करने की कोशिशों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता के विश्वास के सामने भ्रम की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं टिक सकती।डॉ. अंसारी ने इमरान प्रतापगढ़ी की सक्रिय भूमिका की भी प्रशंसा की। वहीं के सी वेणुगोपाल ने संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने की अपील की।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नेशनल एडवाइजरी काउंसिल, माइनॉरिटी डिपार्टमेंट की बैठक अब प्रत्येक तीन महीने के अंतराल पर आयोजित की जाएगी, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों और सामाजिक मुद्दों की नियमित समीक्षा की जाएगी।
इंदिरा भवन में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की रणनीतिक बैठक: संगठन विस्तार, सामाजिक सरोकार और झारखंड की भूमिका पर मंथन
