न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 25 मई 2026 मिहिजाम। आगामी 31 मई को आयोजित होने वाली “रवींद्र-नजरुल संध्या” को लेकर झारखंड बंगाली समिति, मिहिजाम शाखा ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में गतिविधियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम को सफल, व्यवस्थित और यादगार बनाने के उद्देश्य से बंगाली समाज के लोगों के बीच लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार एवं रविवार को समिति की कार्यकारी अध्यक्ष नूपुर सरकार की अध्यक्षता में दो अलग अलग स्थान पर महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न हुईं, जिनमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों की सहभागिता देखने को मिली।पहली बैठक निमाई कोठी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित की गई, जबकि दूसरी बैठक आम बागान स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में संपन्न हुई। दोनों बैठकों में आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी, सहभागिता बढ़ाने और आयोजन को अधिक प्रभावशाली बनाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे बंगाली भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जोड़ने पर बल दिया। साथ ही संगठन की मजबूती, सामाजिक समन्वय और नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर भी सुझाव साझा किए गए।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर और काजी नजरुल इस्लाम की रचनाएं केवल साहित्यिक धरोहर नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रखने का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं।बैठक के समापन अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षिका कविता बसु ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा, साहित्य और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होते हैं और इन्हें आगे बढ़ाने में सामूहिक प्रयासों की अहम भूमिका होती है।बैठक में समिति की सचिव प्रियंका दास, कोषाध्यक्ष पार्थ दास, पूर्ण चंद्र बाउरी, प्रदीप कुमार मित्रा, अपूर्व साहा, विश्वनाथ राय, प्रदीप कुमार दत्ता, प्रणव मित्रा, नमिता घोष, अन्ना मंडल, अपर्णा मुखर्जी, पूजा दत्ता, परिणीता रॉय, जॉली चक्रवर्ती, रीना दत्ता, सोमा घोष, मोनिका चौधरी, गायत्री चक्रवर्ती, सुकुमार मंडल, रूमा मंडल, आलो मुखर्जी, रतन दत्ता चौधरी, दुलाल दे, जय साहा, सिद्धू दास, नीलू नस्कर, सुशांत कुंडू समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रवींद्र-नजरुल संध्या की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, मिहिजाम में सांस्कृतिक एकजुटता का दिखा उत्साह
