बाल अधिकारों की अलख: अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का लिया गया संकल्प

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 1 जून 2026 नाला (जामताड़ा)। बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस के अवसर पर नाला प्रखंड के मोरबाशा पंचायत अंतर्गत बाकी गांव में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बनवासी विकास आश्रम की कार्यकर्ता साधना गोराई ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति उसके बच्चों के विकास पर निर्भर करती है। यदि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो वे भविष्य में देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित करना न केवल उनके विकास में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि समाज के समग्र विकास को भी प्रभावित करता है।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस विश्वभर में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनके हितों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर बाल श्रम, बाल विवाह, शोषण, हिंसा और भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें स्कूल से जोड़कर रखें।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि बच्चों को केवल भोजन और वस्त्र उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें प्रेम, सम्मान और सुरक्षित माहौल देना भी उतना ही आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने और सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।इस मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने, बाल श्रम और बाल शोषण के खिलाफ आवाज उठाने तथा हर बच्चे को शिक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जेएसएलपीएस कैडर लक्ष्मी गोराई, स्थानीय वार्ड सदस्य तथा गांव के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि बच्चों के हितों की रक्षा के लिए सामुदायिक स्तर पर निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि हर बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सके।

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