2024 के आवेदकों ने उठाए सवाल: जिला परिषद की दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता की मांग, नए विज्ञापन को रद्द करने की अपील

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 31 मई 2026 मिहिजाम। मिहिजाम स्थित पानी टंकी के समीप जिला परिषद, जामताड़ा की भूमि पर ऊपरी तल्ले में निर्मित 20 नई दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 2024 में आवेदन करने वाले आवेदकों ने उपायुक्त जामताड़ा को संयुक्त आवेदन सौंपकर दुकानों के आवंटन में पूर्व निर्धारित नियमों का पालन करने तथा हाल ही में जारी नए विज्ञापन की निष्पक्ष जांच कर उसे रद्द करने की मांग की है।आवेदकों का कहना है कि जिला परिषद द्वारा 20 जुलाई 2024 को विज्ञापन संख्या पीआर 330019 रूरल डेवलपमेंट (24-25) डी जारी कर 20 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त 2024 निर्धारित की गई थी। इस दौरान कुल 12 लोगों ने निर्धारित शुल्क एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया था।आवेदनकर्ताओं के अनुसार विज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख था कि यदि उपलब्ध दुकानों की संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तभी लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चूंकि पहले चरण में 20 दुकानों के मुकाबले मात्र 12 आवेदन प्राप्त हुए थे, इसलिए नियमों के अनुसार सभी पात्र आवेदकों को सीधे दुकान आवंटित की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया और मामला लंबित छोड़ दिया गया।इसके बाद शेष बची 8 दुकानों के लिए 9 अगस्त 2024 को विज्ञापन संख्या पीआर 332179 रूरल डेवलपमेंट (24-25) डी जारी कर पुनः आवेदन मांगे गए। आवेदकों का दावा है कि दूसरे चरण में प्राप्त आवेदनों की संख्या दुकानों के बराबर अथवा उससे थोड़ी अधिक थी, जिसके कारण नियमानुसार लॉटरी प्रक्रिया आयोजित कर आवंटन किया जाना था।आवेदनकर्ताओं ने यह भी कहा कि जब दोनों चरणों में आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तब दुकानों का निर्माण कार्य भी प्रारंभिक अवस्था में था। अब लगभग दो वर्ष बाद निर्माण कार्य पूरा होने के पश्चात जिला परिषद द्वारा 20 मई 2026 को विज्ञापन संख्या पीआर 380120 डिस्ट्रिक (26-27) डी जारी कर उन्हीं दुकानों के लिए नए सिरे से आवेदन आमंत्रित कर दिए गए हैं।इस कदम को वर्ष 2024 में आवेदन करने वाले लोगों ने अनुचित बताते हुए कहा है कि उन्होंने निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत आवेदन एवं बैंक ड्राफ्ट जमा किए थे। इसके बावजूद उनके आवेदनों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया और बिना स्पष्ट कारण बताए नई प्रक्रिया शुरू कर दी गई।आवेदकों ने उपायुक्त से मांग की है कि वर्ष 2024 में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर पूर्व प्रकाशित विज्ञापनों की शर्तों के अनुसार दुकानों का आवंटन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, नए विज्ञापन की निष्पक्ष जांच कराए जाने तक वर्तमान प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए तथा आवश्यक होने पर विज्ञापन को निरस्त किया जाए।आवेदनकर्ताओं का कहना है कि वे केवल पारदर्शी, न्यायसंगत और नियमसम्मत आवंटन चाहते हैं, ताकि पूर्व में आवेदन करने वाले लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा हो सके। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं। इस सभी आवेदकों में किशुन शर्मा, दानिश रहमान, राजकिशोर, संजय शर्मा, काजल राय चौधरी समेत अन्य आवेदक शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *