मोनू टुडू मौत मामले में जन सेवा पार्टी का गांव पहुंचकर प्रदर्शन की चेतावनी, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की उठाई मांग

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 जून 2026 जामताड़ा। जामताड़ा जिले के ऊदलबानी पंचायत अंतर्गत दुखकेवड़ा गांव के सहरबेड़ा टोला में सोमवार को जन सेवा पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पहुंचकर हाल ही में हुई मोनू टुडू की मौत के मामले की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों से ली। पार्टी संयोजक राकेश लाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने घटना को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने बताया कि 12 जून को 40 वर्षीय मोनू टुडू की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा का इंतजार किया गया, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें ट्रैक्टर पर खटिया में लादकर जामताड़ा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि इलाज में हुई देरी के कारण उनकी मौत हो गई।मौके पर राकेश लाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस और उपचार उपलब्ध नहीं हो, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।जन सेवा पार्टी ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि मामले में जल्द न्याय नहीं मिला और जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा।प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रवक्ता छोटेलाल मंडल, विजय मरांडी, सफीक अंसारी, बिमल टुडू, जिलाल बास्की, विनोद मरांडी, मिथुन हेंब्रम सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे और उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।ग्रामीणों ने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर एंबुलेंस, चिकित्सक और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी दुखद परिस्थिति का सामना न करना पड़े।

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