‘रफ्तार बनी आफत’: युवकों को ठोकर मार भाग रहे मछली लदे तीन पिकअप वाहन ग्रामीणों ने खदेड़कर पकड़े

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 16 जून 2026 जामताड़ा। जिले में बेलगाम रफ्तार से दौड़ रहे भारी और मालवाहक वाहनों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया, जब पश्चिम बंगाल के मोयना से बिहार की ओर जा रही मछली लदी तीन पिकअप वैन कथित रूप से तेज गति के कारण दुर्घटना का कारण बन गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने वाहनों का पीछा कर उन्हें शहर में रोक लिया।जानकारी के अनुसार, बंगाल के मोयना क्षेत्र से मछली लेकर बिहार जा रहे तीन पिकअप वाहन डब्ल्यूबी 37ई 7377, डब्ल्यूबी 37के 5989 और डब्ल्यूबी 37ई 7513 जामताड़ा से होकर गुजर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि गोरेनाला गांव के समीप वाहन काफी तेज रफ्तार में थे। इसी दौरान सड़क किनारे मौजूद कुछ युवक उनकी चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद वाहन चालक मौके पर रुकने के बजाय आगे बढ़ गए।हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग सक्रिय हो गए। लोगों ने वाहनों का पीछा शुरू किया और काफी दूरी तक उनका पीछा करने के बाद जामताड़ा के कोर्ट रोड क्षेत्र में तीनों पिकअप वैन को रोक लिया। इस दौरान वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बन गया।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मछली ढोने वाले कई वाहन रोजाना शहर और रिहायशी इलाकों से अत्यधिक गति में गुजरते हैं। विशेष रूप से कोर्ट रोड जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, विधायक आवास और घनी आबादी होने के बावजूद यातायात नियमों का पालन नहीं किया जाता। इससे राहगीरों, छात्रों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना रहता है।घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाया जाए, गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए और नियम तोड़ने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने मामले की सूचना जामताड़ा थाना पुलिस को दे दी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था। यह घटना एक बार फिर शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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