नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर सख्त संदेश: दो अलग-अलग पॉक्सो मामलों में दोषियों को कठोर सजा

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 24 जून 2026 आसनसोल। पश्चिम बर्धमान जिले में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को लेकर विशेष पॉक्सो अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण फैसले सुनाते हुए दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इन निर्णयों को बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।पहला मामला जामुड़िया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। वर्ष 2021 में दर्ज इस मामले में एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर अपराध किए जाने का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच के बाद आरोपी शिवम बाउरी उर्फ श्याम बाउरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोपपत्र दायर किया गया था।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष पर्याप्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और प्रमाणों का अवलोकन करने के बाद विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 6 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।वहीं दूसरा मामला सालानपुर थाना क्षेत्र से संबंधित है, जो वर्ष 2022 में दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में एक नाबालिग के साथ अशोभनीय हरकत करने और यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए गए थे। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी सुरजीत हेम्ब्रम उर्फ सागर हेम्ब्रम को दोषी पाया।विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत भी उसे 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। जुर्माना नहीं चुकाने पर दोनों मामलों में अतिरिक्त 6-6 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।कानूनी जानकारों का कहना है कि इन फैसलों से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार के यौन अपराध को न्यायालय गंभीरता से लेता है और दोषियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। अदालत के इन निर्णयों ने पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद को और मजबूत किया है तथा समाज में बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया है।

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