ब्लास्टिंग से दहशत में ग्रामीण, ईसीएल की परिवहन व्यवस्था रोककर किया जोरदार प्रदर्शन

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 17 जुलाई 2026 सालानपुर। पश्चिम बंगाल के सालानपुर थाना क्षेत्र स्थित बनजेमारी कोलियरी में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बनजेमारी न्यू कॉलोनी के ग्रामीणों ने ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की परिवहन व्यवस्था ठप कर खदान का काम रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि खुले खनन क्षेत्र में लगातार हो रही विस्फोटक ब्लास्टिंग से उनके मकानों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है और लोगों की जान-माल पर खतरा मंडरा रहा है।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि खदान में किए जा रहे तेज धमाकों के कारण उनके घरों की दीवारों और छतों में दरारें पड़ रही हैं। इतना ही नहीं, ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आने वाले बड़े-बड़े पत्थर के टुकड़े कई बार घरों के आसपास और आंगन में गिर चुके हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को हुई ब्लास्टिंग के बाद उनके घरों के समीप जमीन धंसने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और एक बड़ा गड्ढा बन गया। इसके बाद कई मकानों में नई दरारें दिखाई देने लगीं। इस घटना से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हुए और शाम करीब चार बजे से ईसीएल के कोयला परिवहन को रोकते हुए खदान का कार्य बंद करा दिया।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार ईसीएल अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि अनियमित और तेज ब्लास्टिंग के कारण पूरा इलाका असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि या तो खतरनाक ब्लास्टिंग तत्काल बंद की जाए या फिर प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास कराया जाए।करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद ईसीएल के बनजेमारी एजेंट मैनेजर राजीव कुमार सिन्हा तथा सालानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया और परिवहन व्यवस्था फिर से शुरू हो सकी।एजेंट मैनेजर राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में वे और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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