जामताड़ा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा; चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों से मचा बवाल

डॉक्टर बोले– दोनों मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से थे ग्रसित, अस्पताल प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 9 जुलाई 2026 जामताड़ा। जामताड़ा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों को समय पर चिकित्सकीय देखरेख नहीं मिली, जिसकी वजह से उनकी जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।मृतकों की पहचान फतेहपुर थाना क्षेत्र के चापुड़िया गांव निवासी मुन्ना मोहाली तथा मिहिजाम थाना क्षेत्र के चंद्रदीपा गांव निवासी बाबूराम मरांडी के रूप में हुई है। दोनों का इलाज जामताड़ा सदर अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत होने की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे।परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद मरीजों की स्थिति लगातार बिगड़ती रही, लेकिन डॉक्टरों ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि अधिकांश समय इलाज नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चलता रहा और चिकित्सकों ने नियमित रूप से मरीजों का निरीक्षण नहीं किया। परिजनों का दावा है कि यदि समय पर डॉक्टरों द्वारा उचित उपचार और निगरानी की जाती तो दोनों मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच बहस होती रही। मृतकों के स्वजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि यदि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।वहीं, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. एपीएम देव ने लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी रात ड्यूटी थी और दोनों मरीजों का निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार किया गया। उनके मुताबिक दोनों मरीज पहले से गंभीर एवं पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे और उनकी स्वास्थ्य स्थिति काफी नाजुक थी। इसी कारण उपचार के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।इधर अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। यदि किसी स्तर पर कोई कमी पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों मरीजों की मौत के कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *