न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 जुलाई 2026 चित्तरंजन। चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) लेबर यूनियन ने बुधवार को सेंट्रल पावर हाउस के मुख्य द्वार के समक्ष विरोध सभा आयोजित कर प्रस्तावित स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की योजना का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने, रेलवे क्वार्टरों में स्थिर व पर्याप्त वोल्टेज उपलब्ध कराने तथा जलापूर्ति केंद्रों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई।सभा की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष आर. एस. चौहान ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और यूनियन सदस्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू होने से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है और मौजूदा बिजली व्यवस्था में कई नई समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है।यूनियन के संगठन सचिव स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि डिजिटल इंडिया के नाम पर स्मार्ट मीटर लागू करने की योजना आम लोगों के हित में नहीं है। उनका आरोप था कि भविष्य में यदि डायनेमिक टैरिफ प्रणाली लागू होती है तो बिजली की मांग बढ़ने के समय उपभोक्ताओं को अधिक शुल्क देना पड़ सकता है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार सबसे अधिक प्रभावित होंगे।यूनियन के अध्यक्ष आर. एस. चौहान ने कहा कि पारंपरिक बिजली मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं की तुलना में निजी कंपनियों को अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से इस योजना पर पुनर्विचार करने और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की।महासचिव राजीव गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर प्रीपेड प्रणाली पर आधारित होते हैं और इनके निर्माण व स्थापना का खर्च अंततः उपभोक्ताओं से ही वसूला जाएगा। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि तीसरे पक्ष की एजेंसियों को मीटर प्रबंधन में शामिल करने से बिजली वितरण व्यवस्था में निजी भागीदारी बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने सीएलडब्ल्यू टाउनशिप में लंबे समय से बनी कम वोल्टेज की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि सिद्धाबाड़ी और हिलटॉप पंपिंग स्टेशनों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कई रेलवे क्वार्टरों में नियमित पानी नहीं पहुंच पा रहा है।यूनियन ने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार करने के साथ-साथ टाउनशिप में बिजली और पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्मार्ट मीटर के विरोध में सीएलडब्ल्यू लेबर यूनियन का प्रदर्शन, बिजली और पेयजल व्यवस्था सुधारने की उठी मांग
