न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 11 अगस्त धनबाद। महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद खुदीराम बोस की 118वीं शहादत दिवस पर मंगलवार को हीरापुर स्थित लिन्सी क्लब में देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड बांग्ला भाषा संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित लोगों ने शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को याद किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता बीबीएम इंटर कॉलेज, बलियापुर के संस्थापक-प्राचार्य सिद्धार्थ बंधोपाध्याय ने की, जबकि मंच संचालन प्रोफेसर वरुण सरकार ने किया। समारोह में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, छात्र-छात्राओं और शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने भाग लिया।वक्ताओं ने कहा कि खुदीराम बोस ने बेहद कम उम्र में देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन युवाओं के लिए साहस, अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा है। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों को याद करने के साथ-साथ उनके विचारों और संघर्ष की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी समाज की जिम्मेदारी है। खुदीराम बोस की शहादत अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देती है।समारोह का सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहा। सिंबोसिस स्कूल, बड़ौयाडा, अभय सुंदरी गर्ल्स स्कूल, हीरापुर और नूपुर डांस क्लासेस, मनईटांड़ के कलाकारों ने देशभक्ति गीत, संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना और शहीदों के आदर्शों को समाज तक पहुंचाना है। उन्होंने खुदीराम बोस को पूरे देश का अमर सपूत बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।कार्यक्रम में सम्राट चौधरी, राणा चट्टराज, देवाशीष पांडे, सुसोभन चक्रवर्ती, शीतल दत्ता, कल्याण भट्टाचार्य, आनंद मयिपाल, हिमांशु मंडल, सोमनाथ चौधरी, नारायण मंडल, कल्याण घोषाल, जयदीप बनर्जी, रीना मंडल, कल्याण चक्रवर्ती, शिबू चक्रवर्ती, कसिम दे, राजू प्रमाणिक, समीर मंडल, प्रीतम बनर्जी, दिनेश कुमार, पंकज लाला, दिनेश मंडल, उत्तम मिश्रा, राणा दे, सुमंतो मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
खुदीराम बोस की शहादत को नमन, हीरापुर में देशभक्ति से सराबोर हुआ समारोह
