नवजात के इलाज में देरी का आरोप, नाला अस्पताल की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 24 सितंबर जामताड़ा। नाला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार तड़के करीब पांच बजे गंभीर हालत में एक नवजात शिशु को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में आवश्यक चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं थे, जिसके कारण उन्हें करीब दो घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।चकनयापाड़ा पंचायत निवासी बलराम मंडल के परिजनों के अनुसार, नवजात की हालत गंभीर होने के बावजूद तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। काफी इंतजार के बाद जब चिकित्सक अस्पताल पहुंचे तो परिजनों ने वहां की स्थिति का वीडियो बनाने का प्रयास किया। आरोप है कि उन्हें वीडियो बनाने से रोका गया तथा कथित तौर पर दुर्व्यवहार और धमकी दी गई।परिजनों का यह भी दावा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने बातचीत के दौरान कई महीनों से भुगतान नहीं मिलने की बात कही। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि रात या तड़के गंभीर मरीज और नवजात के समय चिकित्सक एवं स्टाफ उपलब्ध नहीं रहेंगे, तो मरीजों को समय पर उपचार कैसे मिलेगा।मामले को लेकर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय से उनके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। फोन की घंटी बजने के बावजूद उनकी ओर से कॉल रिसीव नहीं किया गया। हालांकि, इस संबंध में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है।इधर, जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद स्थानीय स्तर पर अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की मांग उठ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *