न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 26 सितंबर मिहिजाम। मल्लिक पाड़ा स्थित भवरानी भवन में पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 206वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड बंगाली समिति एवं बंगला भाषा उन्नयन समिति की मिहिजाम शाखा की ओर से आयोजित समारोह की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष नूपुर सरकार ने की। कार्यक्रम में विद्यासागर के शिक्षा, समाज सुधार और मानवीय मूल्यों से जुड़े योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।समारोह की शुरुआत पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान पूर्व शिक्षिका कविता वासु को आलो मुखर्जी ने अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।कविता वासु ने कहा कि ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने शिक्षा को केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे सामाजिक बदलाव का आधार बनाया। उनके जीवन से नई पीढ़ी को सेवा, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को विद्यासागर के संघर्ष और आदर्शों से परिचित कराना समय की जरूरत है।आलो मुखर्जी ने कहा कि विद्यासागर के प्रयासों ने समाज में शिक्षा और जागरूकता के विस्तार को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।शाखा अध्यक्ष नूपुर सरकार ने कहा कि समिति बंगला भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के साथ महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यासागर की जयंती जैसे आयोजन बच्चों को अपनी भाषा और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।मौके पर प्रियंका दास, नमिता मंडल, कल्पना मंडल, बाबूलाल कुंडू, जॉली चक्रवर्ती, पार्थ दास, नमिता घोष, जयंत दास, जयश्री दास, काजल राय चौधरी, नेहा बाउरी, खुशी मल्लिक, चंचला मल्लिक और लक्खी मल्लिक सहित बड़ी संख्या में बच्चे एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
शिक्षा और समाज सुधार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प, मिहिजाम में याद किए गए विद्यासागर

