न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 4 अगस्त मिहिजाम। दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को मिहिजाम के शहरडाल में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गुरु हड़ाम रेणु मुर्मू ने किया। सभा में क्षेत्र के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए और दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके सामाजिक, राजनीतिक और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत सभी ने सभास्थल के समीप स्थापित ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की आदमकद प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।सभा को संबोधित करते हुए रेणु मुर्मू ने कहा कि “दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड की पहचान, आदिवासी समाज के सम्मान और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में शिक्षा, एकता और अपनी संस्कृति के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”उन्होंने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और समाज के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का भी आह्वान किया।श्रद्धांजलि सभा में भारतेंदु मुर्मू, इम्तियाज खान, बहामुनि देवी, सुमित्रा देवी, संजोकी मुर्मू, जियोनी सोरेन, जोगोती मुर्मू, सूरजू मुर्मू, रॉबिन सोरेन, नेहरू सोरेन, लखन किस्कू, शिवानंद मुर्मू, हेमलाल मुर्मू, विनोद मरांडी, दिनेश किस्कू, जयदेव मुर्मू, पोतीलाल मुर्मू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन दिशोम गुरु के आदर्शों पर चलने और समाजहित में निरंतर कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के आदर्शों पर चलने का संकल्प, शहरडाल में श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब

