न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 2 अक्टूबर रूपनारायणपुर। दुर्गापूजा के उल्लास के बीच समाज के उन लोगों तक खुशियां पहुंचाने की पहल की गई, जिन्हें अक्सर अपनों के साथ और स्नेह की जरूरत होती है। आसनसोल की ‘सहचरी’ संस्था से जुड़ी पांच सहेलियों ने रूपनारायणपुर स्थित ओल्ड एज होम पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों के बीच नए कपड़े, गमछे, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत का ग्रोसरी सामान वितरित किया।‘सहचरी’ की सदस्य मालिनी सेन ने बताया कि यह किसी औपचारिक एनजीओ के रूप में संचालित संस्था नहीं है। एक ही आवासन में रहने वाली पांच सहेलियों श्रेया, शताब्दी, मेघा, चैताली और मालिनी ने मिलकर इसकी शुरुआत की है। उनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के बीच अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग पहुंचाना है।उन्होंने बताया कि इससे पहले भी ‘सहचरी’ की सदस्याएं विशेष बच्चों के स्कूल ‘आशा निकेतन’ में सामाजिक कार्य कर चुकी हैं। रूपनारायणपुर वृद्धाश्रम के बारे में जानकारी मिलने के बाद वे पहले वहां पहुंचीं और बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझा। इसके बाद जरूरत के मुताबिक सामान जुटाकर वितरण किया गया।मालिनी सेन ने कहा कि समाज से प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी रूप में बहुत कुछ मिलता है। ऐसे में अपनी क्षमता के अनुसार समाज को कुछ लौटाने की भावना से यह पहल शुरू की गई है। इस कार्य में कई लोगों ने बाहर से भी सहयोग किया, जिससे जरूरत का सामान जुटाने में मदद मिली।‘सहचरी’ की सदस्याओं ने कहा कि सेवा का यह सिलसिला केवल दुर्गापूजा तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के लिए सर्दियों के कपड़े उपलब्ध कराने के साथ बच्चों के लिए भी सामाजिक कार्य करने की योजना है। उनकी इस पहल को स्थानीय स्तर पर मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की सकारात्मक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
दुर्गापूजा से पहले ‘सहचरी’ की पहल, बुजुर्गों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

