न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 16 जून 2026 जामताड़ा। जामताड़ा जिले में चौकीदार भर्ती 2025-26 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ता दिख रहा है। बीट क्षेत्र की पात्रता, मेधा सूची में शामिल उम्मीदवारों की वैधता और मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने जैसे मुद्दों ने भर्ती प्रक्रिया को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के कई समूहों ने जिला प्रशासन के समक्ष लिखित आपत्तियां दर्ज कराते हुए प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि संबंधित बीट में नियुक्ति के लिए उसी क्षेत्र का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके बावजूद औपबंधिक मेधा सूची जारी होने के बाद ऐसे कई नाम सामने आए हैं, जिनकी निवासीय पात्रता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।आवेदकों का आरोप है कि यदि बीट क्षेत्र से बाहर के अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल रखा जाता है तो स्थानीय उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा। इससे न केवल वास्तविक दावेदारों का अवसर प्रभावित होगा बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में आ जाएगी। अभ्यर्थियों ने प्रशासन से सभी आवेदनों की पुनः जांच कर पात्रता मानकों की समीक्षा करने की मांग की है।इधर, कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नियुक्ति पर रोक लगाने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि चौकीदार नियुक्ति परीक्षा से जुड़ा मामला वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को निर्धारित है। ऐसे में अंतिम न्यायिक निर्णय आने से पहले नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।आवेदनकर्ताओं का दावा है कि भर्ती से संबंधित कई महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों को न्यायालय के समक्ष रखा जा चुका है। इसलिए प्रशासन को सावधानी बरतते हुए न्यायालय के आदेश का इंतजार करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।फिलहाल इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई और उच्च न्यायालय की सुनवाई पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीट नियमों को लेकर उठे सवालों पर क्या निर्णय लिया जाता है और भर्ती प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
चौकीदार भर्ती पर उठे बड़े सवाल, बीट विवाद और हाईकोर्ट में लंबित मामले से बढ़ी अभ्यर्थियों की चिंता
