न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 28 मई 2026 चित्तरंजन। चित्तरंजन लेबर यूनियन के बैनर तले गुरुवार को आमलादही बाजार के समीप 24 नंबर रोड एवं रूपनारायणपुर मार्ग के संगम स्थल पर एक विशाल धरना सभा का आयोजन किया गया। श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं और केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, संविदाकर्मी और यूनियन प्रतिनिधि शामिल हुए। सभा की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष आर. एस. चौहान ने की।धरना सभा को संबोधित करते हुए आर. एस. चौहान ने कहा कि नए श्रम कोड मजदूर हितों के खिलाफ हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने नई पेंशन योजना एवं पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़ी नीतियों की समीक्षा की मांग करते हुए प्रोफेशनल टैक्स समाप्त करने की भी बात कही। साथ ही रेलवे में रिक्त पदों को खत्म करने की नीति बंद कर स्थायी नियुक्तियां बहाल करने की मांग उठाई। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को उचित वेतन, पीएफ और ईएसआई जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।सभा में बिल्व मुर्मु ने संविदा कर्मियों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि श्रमिकों का लगातार आर्थिक और सामाजिक शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों को आज भी पीएफ और ईएसआई का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।सह-अध्यक्ष चिन्मय गुहा ने नए लेबर कोड के प्रभावों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। वहीं कार्यकारी सचिव स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि ट्रेड यूनियनों का उद्देश्य मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना है, लेकिन आज कुछ संगठन श्रमिक हितों से भटकते नजर आ रहे हैं।पूर्व श्रमिक नेता निर्मल मुखर्जी ने यूनियन की मांगों का समर्थन करते हुए बड़े आंदोलन की आवश्यकता बताई। युवा नेता सौरभ मुखर्जी ने रेलवे में सभी खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की।सभा के अंत में महासचिव राजीव गुप्ता ने कहा कि देश में लगातार जनविरोधी नीतियां लागू की जा रही हैं और लोगों को मूल मुद्दों से भटकाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने श्रमिक अधिकार, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास के लिए एकजुट होकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
श्रमिक अधिकारों को लेकर गरजा चित्तरंजन लेबर यूनियन, आमलादही में धरना देकर उठाई रोजगार और श्रम सुरक्षा की मांग
