न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 10 जून 2026 देवघर। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करों प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता (जेई) संतोष प्रसाद को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम ने उन्हें कथित तौर पर ₹5,000 की घूस स्वीकार करते समय रंगे हाथ दबोचा। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय समेत सरकारी तंत्र में हलचल तेज हो गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, करों प्रखंड की डिंडाकुली पंचायत में ट्रेंच कम बंड (टीसीबी) योजना के तहत कार्य संचालित हो रहा था। योजना से जुड़े एक लाभुक ने आरोप लगाया था कि कार्य से संबंधित भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित कनिष्ठ अभियंता द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। लाभुक ने मामले की शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद एजेंसी ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद ब्यूरो ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की और पूरी कार्रवाई की निगरानी की गई।योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही कनिष्ठ अभियंता ने ₹5,000 की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए, जिससे मामले को कानूनी रूप से मजबूत बनाया जा सके।सूत्रों के अनुसार, इस मामले को संबंधित एजेंसी तक पहुंचाने और शिकायत प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी अहम भूमिका रही। बताया जा रहा है कि नागरिक मंच से जुड़े भीम राणा और जन्मजय राणा के साथ भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ रावानी ने शिकायतकर्ता को उचित मंच तक पहुंचाने में सहयोग किया।गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ लेकर चली गई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने एसीबी की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कदम सरकारी योजनाओं में जवाबदेही बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। लोगों ने दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
घूस लेते ही बिछा एसीबी का जाल: मनरेगा के जेई पांच हजार रुपये के साथ गिरफ्तार
