न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 8 जुलाई 2026 जामताड़ा। मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना से लाभुकों के नाम हटाए जाने को लेकर जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में असंतोष देखने को मिल रहा है। नगर पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित शाखाबस्ती की दो महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें गलत तरीके से “नौकरीपेशा” की श्रेणी में डालकर योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। उनका कहना है कि वे किसी सरकारी या निजी संस्थान में कार्यरत नहीं हैं, बल्कि दूसरों के घरों में घरेलू काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं।बुधवार को निरमा देवी और पूनम देवी अपनी शिकायत लेकर अंचल कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच कराने और मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना में दोबारा उनका नाम शामिल करने की मांग की। महिलाओं का कहना है कि वे बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति में जीवन बिता रही हैं और योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा थी। नाम हटने के बाद उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का संकट और गहरा गया है।दोनों महिलाओं ने बताया कि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन घर-घर जाकर झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करना तथा अन्य घरेलू कार्य करना है। इसके बावजूद उन्हें नौकरीपेशा मान लिया गया, जो पूरी तरह गलत और तथ्यों के विपरीत है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और उन्हें फिर से योजना का लाभ मिल सकेगा।महिलाओं ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द से जल्द उनके मामले का समाधान करने की अपील की है। उनका कहना है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए शुरू की गई योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचना चाहिए, न कि तकनीकी या तथ्यात्मक त्रुटियों के कारण उन्हें इससे वंचित किया जाए।इधर, स्थानीय लोगों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि पात्र लाभुकों को गलत आधार पर सूची से बाहर किया जा रहा है तो इससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। लोगों ने प्रशासन से सभी शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा कर वास्तविक पात्र महिलाओं का नाम शीघ्र लाभुक सूची में जोड़ने की मांग की है, ताकि उन्हें फिर से योजना का लाभ मिल सके और आर्थिक संकट से कुछ राहत प्राप्त हो। इस संबंध में फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
हम मजदूर हैं, नौकरीपेशा नहीं, — मैया सम्मान योजना से नाम कटने पर फूटा महिलाओं का गुस्सा
