जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत पर बवाल, ₹5 हजार मांगने का आरोप; परिजनों का हंगामा, जांच की मांग तेज

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 16 जुलाई 2026 जामताड़ा। जामताड़ा सदर अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार बांध निवासी कन्हैया रवानी की 22 वर्षीय पत्नी रीना देवी की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ, तोड़फोड़ की गई और मुख्य सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।मृतका के भतीजे तपन मंडल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जब रीना देवी की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, तब अस्पताल में मौजूद रेखा नाम की एक सहिया ने इलाज बेहतर कराने के नाम पर ₹5,000 की मांग की। उनके अनुसार, सहिया ने आश्वासन दिया था कि पैसे मिलने पर मरीज का समुचित इलाज कराया जाएगा। परिजनों का दावा है कि वे राशि की व्यवस्था करने में जुटे थे, लेकिन इसी बीच रीना देवी की मौत हो गई।परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। उनका कहना है कि चिकित्सकों ने उन्हें मरीज को आशा मेडिकल ले जाने की सलाह दी, जबकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।गुस्साए लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। अस्पताल में तोड़फोड़ की गई और चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। साथ ही सड़क जाम हटवाने की दिशा में भी कार्रवाई की गई।पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी और लापरवाही के आरोप गंभीर हैं। यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।हालांकि, इस मामले में सहिया रेखा और सदर अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह घटना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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