फुटबॉल के मैदान से सियासी संदेश: कुसमापहाड़ी में MMDR बिल के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 2 सितंबर जामताड़ा। दक्षिणबहाल क्षेत्र के कुसमापहाड़ी में आयोजित तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेल रोमांच के साथ-साथ राजनीतिक संदेश का भी मंच बन गया। फाइनल मैच के दौरान बड़ी संख्या में खेलप्रेमी, ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि के रूप में अजहरुद्दीन कार्यक्रम में शामिल हुए।अजहरुद्दीन ने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य मंत्री की ओर से संदेश देते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में लोगों को अपने अधिकारों और हितों के प्रति सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उनके संबोधन के दौरान जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए MMDR बिल को लेकर ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के बीच जागरूकता जरूरी है। उनका आरोप था कि इस कानून के जरिए प्राकृतिक संसाधनों पर केंद्र का प्रभाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर राज्यों के अधिकारों और आदिवासी समाज के हितों पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य में जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों की आजीविका और पहचान से जुड़े विषय हैं।अजहरुद्दीन ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि अपने संवैधानिक अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े निर्णय का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर किया जाना चाहिए।फाइनल मुकाबले के दौरान खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। टूर्नामेंट के आयोजन ने जहां ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच दिया, वहीं समापन समारोह में उठे राजनीतिक मुद्दों ने कार्यक्रम को चर्चा का विषय बना दिया।

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