न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 27 जुलाई जामताड़ा। जामताड़ा, देवघर और दुमका जिले के 23 जायरीन उमरा हज की मुकद्दस यात्रा के लिए कोलकाता एयरपोर्ट से मक्का-मदीना रवाना हुए। इस अवसर पर एयरपोर्ट का माहौल पूरी तरह धार्मिक आस्था, भावनाओं और दुआओं से सराबोर दिखाई दिया। परिजन, रिश्तेदार और शुभचिंतक बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पहुंचे और जायरीनों को गले लगाकर शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। हर किसी ने अल्लाह से उनके सफर की सलामती और उमरा की कुबूलियत की दुआ मांगी।उमरा के लिए रवाना हो रहे जायरीनों के चेहरों पर अल्लाह के घर की जियारत की खुशी साफ झलक रही थी, जबकि परिजनों की आंखों में बिछड़ने की भावुकता भी दिखाई दी। विदाई के दौरान “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” की सदाएं पूरे माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंगती रहीं। कई लोगों ने इस यादगार पल को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।इस मौके पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा नेता सफीक अंसारी ने कहा कि काबा शरीफ का दीदार हर मुसलमान की सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है। जिन लोगों को यह मुकद्दस अवसर मिलता है, वे वास्तव में खुशनसीब होते हैं। उन्होंने कहा कि जायरीनों को कोलकाता एयरपोर्ट तक विदा करने का अवसर मिलना उनके लिए भी गर्व और सौभाग्य की बात है।सफीक अंसारी ने सभी जायरीनों से देश, राज्य और क्षेत्र में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी जायरीन सकुशल मक्का-मदीना पहुंचकर उमरा की तमाम रस्में अदा करेंगे और सुरक्षित अपने वतन लौटेंगे।क्षेत्र के लोगों ने भी उमरा पर गए सभी जायरीनों के सफल सफर, इबादत की कबूलियत और सुरक्षित वापसी की दुआ करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह भावुक विदाई धार्मिक आस्था, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल बन गई।
इबादत के सफर पर निकले 23 जायरीन, दुआओं और नम आंखों के बीच कोलकाता एयरपोर्ट से मक्का-मदीना के लिए रवाना
