न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 2 अगस्त जामुड़िया। जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के तपसी रेलवे साइडिंग में कोयला परिवहन से जुड़े वाहन मालिकों और चालकों ने कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर समय पर भुगतान नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भुगतान में लगातार देरी होने से उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवहन कार्य भी प्रभावित हो रहा है।वाहन मालिकों के अनुसार, साइडिंग में प्रतिदिन करीब 70 से 80 डंपर माल ढुलाई का कार्य करते हैं। पहले भुगतान नियमित रूप से मिल जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। आरोप है कि यहां कार्यरत जगद्धात्री मूवर्स ट्रांसपोर्ट, श्रीमाधव ट्रांसपोर्ट, आईटी एंटरप्राइज तथा एमएमपीएल के माध्यम से भुगतान में देरी हो रही है। वाहन मालिकों का दावा है कि कुछ ट्रांसपोर्टर भुगतान के समय 6, 8 और 10 प्रतिशत तक की कटौती कर रहे हैं, जबकि एमएमपीएल द्वारा भुगतान ही नहीं किए जाने से लगभग 70 लाख रुपये बकाया हो चुके हैं।आरोप यह भी है कि बकाया राशि नहीं मिलने से कई वाहन मालिकों ने लोड किए गए वाहनों को साइडिंग में ही खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक भुगतान नहीं होगा, तब तक परिवहन कार्य सामान्य रूप से संचालित करना संभव नहीं है।एक वाहन मालिक ने बताया कि उद्योग प्रबंधन की ओर से लगभग 20 दिनों के भीतर ट्रांसपोर्टरों को भुगतान कर दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद वाहन मालिकों तक राशि समय पर नहीं पहुंच रही। उनका यह भी आरोप है कि यदि बिना किसी प्रतिशत कटौती के भुगतान चाहिए तो तीन महीने तक इंतजार करने की बात कही जाती है।इस संबंध में संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब वाहन मालिकों की निगाह इस बात पर टिकी है कि नई सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत इस मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
तपसी रेलवे साइडिंग में ट्रांसपोर्टरों पर भुगतान रोकने का आरोप, वाहन मालिकों ने उठाए सवाल
