न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 2 अगस्त जामताड़ा। जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में रविवार को निर्माणाधीन सरकारी भवन की छत की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से बन रहे भवन की सेंटरिंग अचानक टूटकर नीचे गिर गई, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मौजूद मजदूर और अन्य लोग सुरक्षित रहे तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।जानकारी के अनुसार, प्रखंड कार्यालय परिसर में पहले से मौजूद पानी टंकी के समीप विभाग द्वारा नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। छत की ढलाई का कार्य चल रहा था और लगभग 80 प्रतिशत कंक्रीट डाला जा चुका था। इसी बीच सेंटरिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक जवाब दे गया, जिससे पूरी संरचना भरभराकर नीचे गिर गई।घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नारायणपुर प्रखंड एवं नारायणपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य पवन पोद्दार ने संवेदक और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर पेयजल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि निर्माण में मानकों की अनदेखी की जाएगी तो पूरी योजना पर असर पड़ सकता है।उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।इधर, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता संतोष महतो ने बताया कि लगभग 150×60 फीट क्षेत्र में छत की ढलाई दो दिनों में पूरी की जानी थी। कार्य के दौरान अचानक सेंटरिंग खुल गई, जिसके कारण यह घटना हुई। विभाग द्वारा पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।इस घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सेंटरिंग और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कितनी प्रभावी ढंग से की गई थी। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
निर्माणाधीन सरकारी भवन की छत ढलाई के दौरान ध्वस्त, गुणवत्ता पर उठे सवाल; जांच की उठी मांग
