न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 2 अगस्त जमशेदपुर। माताजी आश्रम, हाता परिसर में रविवार को झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद के तत्वावधान में साहित्य प्रतियोगिता के दूसरे चरण का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पहले चरण से चयनित 12 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कुल 60 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता के तहत प्रतिभागियों को एक घंटे पूर्व तीन विषय दिए गए। स्वरचित कविता के लिए “भारत माता”, कहानी लेखन के लिए शिक्षाप्रद कहानी तथा लेख लेखन के लिए “साहित्य समाज का दर्पण है” विषय निर्धारित किए गए। निर्धारित समय में विद्यार्थियों ने अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से सृजनात्मक सोच और साहित्यिक अभिरुचि का परिचय दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स के सेवानिवृत्त अध्यक्ष डॉ. जी. सी. माझी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर अपार प्रतिभा छिपी होती है। आवश्यकता केवल उचित मार्गदर्शन, प्रेरणा और मंच उपलब्ध कराने की है। विशिष्ट अतिथि एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ अधिकारी कनाई हांसदा ने विद्यार्थियों से दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। पूर्वी सिंहभूम के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अरविंद कुमार लाल ने कहा कि माताजी आश्रम और झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।परिषद के सचिव शंकर चंद्र गोप ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्था के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। वहीं झारखंड प्रभा के संपादक सुनील कुमार दे ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की साहित्यिक प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।जन्मेजय सरदार ने गाजूर संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों को पौध भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भवतारण मंडल ने की तथा संचालन सुनील कुमार दे ने किया। इस अवसर पर जगन्नाथ साहू, राजकुमार साहू, कृष्ण पद मंडल, आशुतोष मंडल, उज्ज्वल मंडल, जय हरि सिंह मुंडा, विकास कुमार भक्त, आलोक पाल, अमल कुमार दास, सुमन जी, चिंतामणि त्रिपाठी, शक्ति पद रजक, रामकृष्ण सरदार, सुरेश महापात्र, बलराम गोप, बिनोद ज्योतिषी, निताई महाकुड़ सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
माताजी आश्रम में साहित्यिक प्रतिभाओं का महाकुंभ, दूसरे चरण की प्रतियोगिता में 12 संस्थानों के 60 प्रतिभागियों ने दिखाई रचनात्मक क्षमता
