न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 3 अगस्त धनबाद। झारखंड में बांग्ला भाषी समाज के अधिकारों और मातृभाषा में शिक्षा को लेकर झारखंड बांग्ला भाषी उन्नयन समिति ने अपनी आवाज तेज कर दी है। आगामी विधानसभा सत्र से पहले समिति के प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद के विधायक राज सिन्हा से मुलाकात कर विभिन्न मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और इन मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाने का अनुरोध किया।समिति की कार्यकारी सभापति रीना मंडल के नेतृत्व में हुए इस प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि राज्य के बांग्ला भाषी समुदाय की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ज्ञापन में विशेष रूप से बांग्ला भाषा को उचित संरक्षण, मातृभाषा में शिक्षा का अधिकार, राज्य में बांग्ला अकादमी की स्थापना तथा बांग्ला भाषियों के संवैधानिक और शैक्षणिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग शामिल की गई।रीना मंडल ने कहा कि 5 अगस्त से शुरू होने वाले झारखंड विधानसभा सत्र में इन विषयों को प्रभावी ढंग से उठाया जाना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विधायक राज सिन्हा बांग्ला भाषी समाज की समस्याओं, अपेक्षाओं और अधिकारों को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेंगे तथा उनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल करेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड बांग्ला भाषी उन्नयन समिति लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के तहत लगातार बांग्ला भाषा, संस्कृति और मातृभाषा में शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। समिति का उद्देश्य राज्य के बांग्ला भाषी नागरिकों को उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करना है।इस अवसर पर समिति की सदस्य जॉली मुखर्जी, आरती साह और शिल्पी घोष भी उपस्थित रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर सरकार और जनप्रतिनिधि गंभीरता से विचार करेंगे।
बांग्ला भाषा और मातृभाषा में शिक्षा के मुद्दे पर सक्रिय हुई समिति, विधायक राज सिन्हा को सौंपा मांगपत्र
