न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 4 अगस्त बाराबनी/रूपनारायणपुर। पश्चिम बर्धमान के रूपनारायणपुर ग्राम पंचायत में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने पंचायत कार्यालय पहुंचकर कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पंचायत प्रधान के पति को कार्यालय से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत की निर्वाचित प्रधान अपर्णा दास हैं, लेकिन पंचायत के अधिकांश प्रशासनिक और विकास संबंधी फैसलों में उनके पति बिपन दास की भूमिका रहती है। उनका कहना है कि सरकारी कार्यों में किसी गैर-निर्वाचित व्यक्ति का हस्तक्षेप लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायत कानून की भावना के विपरीत है।आंदोलन में शामिल स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत क्षेत्र में कई विकास योजनाओं और जमीन से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि कुछ मामलों में सरकारी भूमि से संबंधित कार्यों के लिए बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किए गए। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।घटना की सूचना मिलते ही रूपनारायणपुर फाड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस ने भरोसा दिलाया कि पंचायत के सरकारी कार्यों में किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति का हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।पुलिस के आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, इस घटना के बाद पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और पूरे मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, इन आरोपों पर पंचायत प्रधान या उनके पति की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रूपनारायणपुर पंचायत में बवाल: ‘प्रधान नहीं, पति चला रहे हैं कार्यालय’ के आरोप पर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन
