न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 23 सितंबर कोलकाता। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के काफिले पर वर्ष 2020 में हुए हमले के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने करीब छह साल बाद कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के मोगराहाट पश्चिम इलाके से दो तृणमूल कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिपन शेख और संजीब मंडल के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के कब्जे से अवैध आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दोनों के कथित तौर पर 10 दिसंबर 2020 को शिराकोल इलाके में नड्डा के काफिले पर हुए हमले से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, हमले में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी, इसे लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।बताया जाता है कि घटना के समय नड्डा दक्षिण 24 परगना में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उनके काफिले में प्रदेश भाजपा के तत्कालीन प्रमुख नेताओं में शामिल दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार भी मौजूद थे। काफिले पर पथराव और हिंसा के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था। बाद में भाजपा नेताओं ने घटना को लेकर गंभीर सुरक्षा सवाल उठाए थे।पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिपन शेख और संजीब मंडल की पहचान इलाके में TMC से जुड़े नेताओं के रूप में बताई जाती है। दोनों पर कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों और बाइक वाहिनी के जरिए क्षेत्र में दबदबा कायम करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।इस मामले की पुरानी प्राथमिकी में जाहांगीर खान उर्फ पुष्पा का नाम भी सामने आया था। उसके खिलाफ पुराने मामलों की जांच दोबारा सक्रिय होने के बाद पुलिस ने नड्डा काफिला प्रकरण से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस अब मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना को लेकर जांच कर रही है।
छह साल बाद फिर खुली नड्डा काफिला हमले की फाइल, दो TMC नेताओं को हथियारों के साथ दबोचा

