न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 अक्टूबर जामताड़ा। शहर की स्वच्छता का जिम्मा संभालने वाले सफाईकर्मियों का सब्र गुरुवार को टूट गया। पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित सफाईकर्मियों ने कायस्थ पाड़ा, मुख्य बाजार और टावर चौक सहित कई इलाकों में कचरा फैलाकर नगर पंचायत के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान ‘नगर पंचायत अध्यक्ष मुर्दाबाद’ और ‘बकाया वेतन का भुगतान करो’ जैसे नारों से शहर गूंज उठा।सफाईकर्मियों का कहना है कि वे नियमित रूप से शहर की सफाई में जुटे रहते हैं, लेकिन समय पर मेहनताना नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। तीन महीने से वेतन लंबित रहने के कारण घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों का प्रबंध करना कठिन हो रहा है। दुर्गापूजा के त्योहार के बीच आर्थिक तंगी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। कर्मचारियों की मांग है कि बकाया राशि का भुगतान जल्द किया जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें।मामले पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडैत ने बताया कि ट्रेजरी में तकनीकी समस्या के कारण वेतन भुगतान में विलंब हो रहा है। उन्होंने जल्द भुगतान होने की उम्मीद जताई। हालांकि, कर्मचारियों के लिए अब आश्वासन से अधिक जरूरी बकाया राशि का उनके खातों में पहुंचना है।सफाईकर्मियों के आंदोलन से शहर के प्रमुख इलाकों में गंदगी फैल गई, जिससे स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस विरोध ने नगर पंचायत के सामने सफाई व्यवस्था बहाल करने और कर्मचारियों की समस्या सुलझाने की दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है।अब देखना होगा कि तकनीकी अड़चन दूर कर सफाईकर्मियों को कब तक उनका बकाया वेतन मिलता है। त्योहार के समय कर्मचारियों को राहत देने के लिए शीघ्र भुगतान और सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाना नगर पंचायत के लिए अहम होगा।
तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों का फूटा गुस्सा, सड़क पर फैलाया कचरा, अध्यक्ष के खिलाफ की नारेबाजी
