न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 28 अक्टूबर जामताड़ा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र जामताड़ा में सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर एक नया सवाल खड़ा हो गया है। अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली एक्स-रे मशीन को सरकारी एंबुलेंस के जरिए परिसर से बाहर ले जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।सुमित शरण ने सवाल उठाया कि आखिर सरकारी अस्पताल की महत्वपूर्ण मशीन को बाहर ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी। क्या इसे ले जाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई थी। यदि मशीन खराब थी और मरम्मत के लिए भेजी जा रही थी, तो उससे संबंधित कागजात और विभागीय प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता जरूरी है और किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक्स-रे मशीन को सरकारी एंबुलेंस से कोर्ट रोड स्थित किसी स्थान पर ले जाया गया था। इस दौरान एक्स-रे टेक्नीशियन किरण कुमार भी मौजूद थे। उनके स्तर से मशीन को मरम्मत के लिए ले जाने की बात कही गई, लेकिन इस संबंध में अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मशीन को अस्पताल से बाहर ले जाने के उद्देश्य और प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।मामले की जानकारी मिलने पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रभात सिन्हा ने इसकी पड़ताल करने की बात कही। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा उस समय रांची में बैठक में शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने कार्रवाई की बात कही है।भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने स्वास्थ्य मंत्री और जिला स्वास्थ्य प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता उजागर होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अब सबकी नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
सुमित शरण ने उठाए सवाल: सदर अस्पताल की एक्स-रे मशीन सरकारी एंबुलेंस से बाहर क्यों ले जाई गई
