बाल विवाह के खिलाफ बुलंद हुई आवाज: कस्तूरबा विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, न्याय रथ ने गांव-गांव पहुंचाया अधिकारों का संदेश

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 24 जून 2026 जामताड़ा। बच्चों और किशोरियों को उनके अधिकारों, कानूनों तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) जामताड़ा द्वारा बुधवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, नाला में विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “90 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान : सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” के तहत लीगल लिटरेसी क्लब के माध्यम से संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा स्वागत गीत से हुई। इसके बाद बाल विवाह की कुप्रथा पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों और इसके खिलाफ समाज की जिम्मेदारी को सशक्त तरीके से दर्शाया गया।शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार ने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और कानूनों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे प्राप्त जानकारियों को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं, ताकि विधिक जागरूकता का दायरा और विस्तृत हो सके। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, जो बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर डालता है।लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य उत्तम कुमार ने छात्राओं को साइबर अपराधों से सावधान रहने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में पॉक्सो अधिनियम, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा, नशा उन्मूलन, मौलिक अधिकार एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नालसा की हेल्पलाइन संख्या 15100 के उपयोग के बारे में बताया गया।इसी दौरान डीएलएसए का न्याय रथ नाला प्रखंड के बारघरिया गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के बाद सचिव पवन कुमार ने प्रखंड परिसर स्थित विधिक सहायता केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन रीना रोसालिंग मुर्मू, शिक्षिकाएं अर्चना लकड़ा, आरती प्रसाद, सुनीता मरांडी, माया कुमारी पांडे, प्रियंका हांसदा, रेशमा खातून, वीणा कुमारी मंडल, कल्पना मंडल, फूलकुमारी हेम्ब्रम, सुशीला मुर्मू, अनुश्री, बिनती कुमारी, रूबी दास एवं अंजलि सोरेन मौजूद रहीं। वहीं पीएलवी सह अधिकार मित्र मेघा गुप्ता, सबाना यासमीन, निशा सोरेन, जयंती दत्त, अमित मिश्रा, प्रेम कुमार, अमित कुमार, यदुनाथ सिंह, विवेकानंद, प्रकाश मंडल, अरूप मंडल और साधना मंडल ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन बाल विवाह उन्मूलन, नशामुक्त समाज और सुरक्षित बचपन के संकल्प के साथ हुआ।

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