फर्जी कैशबैक और बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार, जामताड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 24 जून 2026 जामताड़ा। साइबर अपराध पर लगातार शिकंजा कस रही जामताड़ा पुलिस को एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर करमाटांड़ थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार कर उनके नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।मामले की जानकारी देते हुए साइबर डीएसपी अमीत रविदास ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार अपराधी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी समीम अंसारी और कैफ अंसारी ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर फर्जी कैशबैक ऑफर भेजते थे। वे ईजी माई डील नामक एप्लीकेशन के माध्यम से लोगों को ₹1999 के कैशबैक का लालच देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस ऑफर को स्वीकार करता, धनराशि उनके नियंत्रण वाले सिस्टम में ट्रांसफर हो जाती थी। बाद में आरोपी उस राशि का उपयोग गिफ्ट कार्ड खरीदने और उन्हें कमीशन पर बेचने में करते थे।वहीं तीसरा आरोपी मुस्तकीम अंसारी खुद को भारतीय स्टेट बैंक का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह ग्राहकों को यह कहकर डराता था कि उनका क्रेडिट कार्ड जल्द बंद होने वाला है। कार्ड को चालू रखने के नाम पर वह लोगों के मोबाइल फोन में एक संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करवाता था। इसके जरिए बैंकिंग और कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारियां हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।पुलिस ने पहली छापेमारी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पारटोल गांव स्थित पश्चिम बांस झाड़ इलाके में की, जहां से दो आरोपियों को पकड़ा गया। दूसरी कार्रवाई ताराबहाल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में की गई, जहां से एक अन्य आरोपी गिरफ्तार हुआ।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीम अंसारी (24 वर्ष), कैफ अंसारी (19 वर्ष) और मुस्तकीम अंसारी (38 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड जब्त किए हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुस्तकीम अंसारी का पूर्व में भी साइबर अपराध से जुड़ा आपराधिक इतिहास रहा है।पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।साइबर डीएसपी ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक, फर्जी कैशबैक ऑफर या बैंक अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। साथ ही किसी के कहने पर मोबाइल में अज्ञात एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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