“पहले से थी एनकाउंटर की आशंका, हाई कोर्ट तक दी थी गुहार” — सुजीत सिन्हा की सास का दावा, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 3 अगस्त जामताड़ा। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। जहां पुलिस का कहना है कि जेल शिफ्टिंग के दौरान सुजीत ने पुलिसकर्मी की इंसास रायफल छीनकर भागने की कोशिश की, वहीं उसके परिजनों ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए इसे पूर्व नियोजित कार्रवाई करार दिया है। सोमवार को जामताड़ा पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्टम के बाद परिजन थाना पहुंचे और मीडिया के सामने कई गंभीर सवाल उठाए।सबसे अहम बयान सुजीत सिन्हा की सास ऊषा देवी का रहा। उन्होंने दावा किया कि सुजीत को काफी पहले से इस बात की आशंका थी कि किसी दूसरी जेल में स्थानांतरण के दौरान उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। उनके अनुसार, इसी डर को देखते हुए अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका भी दायर की गई थी, ताकि स्थानांतरण के दौरान उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऊषा देवी ने कहा कि इसके बावजूद वही हुआ, जिसकी आशंका पहले से जताई गई थी।उन्होंने पुलिस के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया है कि सुजीत ने जवान की रायफल छीनकर फरार होने का प्रयास किया। ऊषा देवी का कहना था कि सुजीत ने कुछ दिन पहले ही परिवार को बताया था कि वह जेल से भागने जैसी कोई कोशिश नहीं करेगा। ऐसे में पुलिस की कहानी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यदि वह भागने का प्रयास भी करता तो उसे जीवित पकड़ने के लिए पैर में गोली मारकर काबू किया जा सकता था, लेकिन उसके शरीर पर कई गोलियां लगने की बात सामने आई है।इधर, सोमवार को जामताड़ा पोस्टमार्टम हाउस में कड़ी सुरक्षा के बीच सुजीत सिन्हा का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी अविश्वर मुर्मू की मौजूदगी में चिकित्सकों की टीम में डॉ दुर्गेश झा एवं डॉ मिक्की माजी ने शव का परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार शव से दो गोलियां बरामद हुईं, जबकि शरीर पर कई स्थानों पर गोलियों के आर-पार होने के निशान भी मिले, जिससे मुठभेड़ के दौरान कई राउंड फायरिंग होने के संकेत मिले हैं।पोस्टमार्टम के बाद रांची के रातू रोड पंडरा से पहुंचे परिजनों में सास ऊषा देवी, साला आयुष राज और अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे। परिजनों ने बताया कि सुजीत का भाई छत्तीसगढ़ से जामताड़ा के लिए रवाना हुआ है और उसके पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।ऊषा देवी ने सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रिया पहले होटवार जेल में बंद थी और बाद में उसे चाईबासा जेल स्थानांतरित किया गया। उन्होंने यह भी मांग की कि जेल के भीतर रिया सिन्हा के पास कथित रूप से मोबाइल फोन पहुंचने के मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने घटना की आधिकारिक सूचना उन्हें नहीं दी। उनके अनुसार, रविवार देर रात उन्हें परिचितों के व्हाट्सएप संदेशों और टीवी समाचारों के माध्यम से सुजीत की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि परिवार को औपचारिक सूचना देने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।दूसरी ओर, पुलिस अपने पहले के बयान पर कायम है। पुलिस के अनुसार, साहिबगंज से धनबाद सेंट्रल जेल ले जाते समय जामताड़ा के सुपायडीह गांव के पास वाहन का टायर पंचर हो गया। इसी दौरान सुजीत ने कथित रूप से एक जवान की इंसास रायफल छीन ली और भागने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम ने जांच भी की है।अब इस पूरे मामले में पुलिस और परिजनों के दावे आमने-सामने हैं। एक ओर पुलिस इसे कानूनी कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ बता रही है, वहीं परिजन न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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