शहीद श्रमिक नेता मिहिर दे की स्मृति में रक्तदान शिविर, 57 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 22 जून 2026 चित्तरंजन। चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (सीएलडब्ल्यू) लेबर यूनियन की ओर से दिवंगत श्रमिक नेता एवं यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष मिहिर दे की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। एरिया-04 स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित इस सामाजिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों, यूनियन पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। शिविर में कुल 57 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।ज्ञात हो कि 23 जून 1975 को मिहिर दे की उनके आवास के निकट असामाजिक तत्वों द्वारा हत्या कर दी गई थी। तब से हर वर्ष उनकी पुण्य स्मृति में सीएलडब्ल्यू लेबर यूनियन द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष उनकी 51वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया तथा उनके श्रमिक हितों के लिए किए गए योगदान को स्मरण किया गया।रक्तदान शिविर का उद्घाटन सीटू पश्चिम बंगाल राज्य समिति के सदस्य गौरांग चटर्जी ने किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय दान है, जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने मिहिर दे के संघर्षमय जीवन को याद करते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकारों के लिए उनका योगदान आज भी प्रेरणास्रोत बना हुआ है।शिविर के सफल संचालन में चित्तरंजन सेल्फलेस सर्विस सोसायटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था के स्वयंसेवकों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं की सहायता करते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा। रक्त संग्रहण से लेकर पंजीकरण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक प्रक्रियाओं का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया गया।इस अवसर पर सीएलडब्ल्यू लेबर यूनियन के महासचिव राजीव गुप्ता ने रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने सभी रक्तदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही शिविर सफल हो पाया। साथ ही उन्होंने चित्तरंजन सेल्फलेस सर्विस सोसायटी के सदस्यों की भी सराहना की, जिनकी निस्वार्थ सेवा और सहयोग से आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका।कार्यक्रम में यूनियन के पूर्व नेता निर्मल मुखर्जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने मिहिर दे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति समर्पण का प्रतीक है।रक्तदान शिविर के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।

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