न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 4 अक्टूबर जामताड़ा। कुशबेदिया पंचायत के सबडीहा गांव में ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान में मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों के साथ-साथ बाल विवाह, बाल मजदूरी और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक समस्याओं को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया।अभियान के दौरान पीएलवी आरिफा खातून ने ग्रामीणों को बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष में प्रभावित या पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न प्रकार की विधिक सहायता उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसी घटना या समस्या के बाद पीड़ित परिवारों को अपने अधिकारों की जानकारी रखनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभाग अथवा विधिक सेवा संस्थान से संपर्क करना चाहिए। ग्रामीणों से समस्याओं को दबाने के बजाय समय पर उचित माध्यम से शिकायत करने की अपील की गई।इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को प्रभावित करता है। वहीं बाल मजदूरी को बच्चों के अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़ने और बाल मजदूरी की घटनाओं को रोकने में सहयोग करने का आह्वान किया गया।अभियान में दहेज प्रथा के दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि दहेज के कारण महिलाओं को कई बार उत्पीड़न और अन्याय का सामना करना पड़ता है। इसलिए समाज को दहेज प्रथा का बहिष्कार करते हुए महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को कानूनी सहायता की उपलब्धता से परिचित कराने के साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पैदा करना रहा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों को मिली कानूनी मदद की जानकारी, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी चला जागरूकता अभियान

