क्या संकट में है सिंगरन नदी? वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता, पर्यावरण को लेकर उठे गंभीर सवाल

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 24 जुलाई 2026 आसनसोल/जामुड़िया। पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के जामुड़िया स्थित पड़ाशिया क्षेत्र में बहने वाली सिंगरन नदी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने नदी के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के एमडीओ परियोजना क्षेत्र में चल रहे कार्यों के कारण नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर असर पड़ सकता है।नदी संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं का दावा है कि यदि समय रहते स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका प्रभाव केवल नदी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण, भूजल स्तर और स्थानीय जैव विविधता पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि मामला अब सोशल मीडिया से निकलकर जनचर्चा का विषय बन गया है।बताया जा रहा है कि “नदी बचाओ” अभियान से जुड़े सदस्यों ने मौके का निरीक्षण करने के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी चिंता सार्वजनिक की। उनका कहना है कि परियोजना क्षेत्र में हो रही गतिविधियों के कारण नदी की स्वाभाविक जलधारा प्रभावित होने की आशंका दिखाई दे रही है। उनका आग्रह है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।इधर, बाउरी समाज शिक्षा समिति के सदस्यों ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन यदि किसी परियोजना से प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने की संभावना हो तो उसके पर्यावरणीय प्रभावों का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाना चाहिए।इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होता है तो भविष्य में बाढ़, जलभराव, जल संकट और कृषि पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए किसी भी निर्माण कार्य से पहले पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।फिलहाल वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, इस पूरे मामले पर अब तक संबंधित कंपनी, परियोजना प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों की निगाहें प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाएगी, ताकि सिंगरन नदी को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब सामने आ सके।

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