जामताड़ा उपायुक्त ने सुनीं 40 से अधिक फरियादियों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 23 जून 2026 जामताड़ा। आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और प्रशासन को जनता के और करीब लाने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने स्वयं फरियादियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे 40 से अधिक लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। शिकायतों में पेयजल संकट, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, भूमि विवाद, भू-अर्जन मुआवजा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, आंगनबाड़ी चयन, पुलिस मामलों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहे।सुनवाई के दौरान उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना चाहिए। कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत भी प्रदान की गई।जनता दरबार में दक्षिणबहाल क्षेत्र के एक ग्रामीण ने जर्जर पुल से हो रही आवाजाही को लेकर चिंता व्यक्त की। शिकायत को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तत्काल आवश्यक कदम उठाकर टूटे पुल से आवागमन रोकने का निर्देश दिया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।इसके अलावा एक बुजुर्ग महिला ने अपने पुत्र द्वारा भरण-पोषण नहीं किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया। वहीं आवास, मुआवजा भुगतान और प्रमाण पत्र निर्गमन से जुड़े मामलों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को सरल, सुलभ और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दरबार के माध्यम से एक बार फिर प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का सशक्त मंच देखने को मिला।

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