न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 11 अगस्त जामताड़ा। मांझी परगना सरदार महासभा, जिला जामताड़ा की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को प्रखंड सभागार, जामताड़ा में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने की। इस दौरान जिले में पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं के गठन को लेकर सामने आ रही विसंगतियों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं महासभा के संरक्षक सुनील कुमार बास्की, वीर मांझी हराधन मुर्मू तथा सेवानिवृत्त शिक्षक लेवेन हांसदा सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।बैठक में सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायती राज पदाधिकारी की ओर से गत 7 जुलाई को जारी पत्र के कुछ प्रावधान मूल पेसा कानून की भावना के अनुरूप नहीं हैं। महासभा का आरोप है कि पत्र में ग्राम सभा के गठन को लेकर बहुमत का उल्लेख किया गया है, जबकि पेसा कानून में ग्राम सभा के निर्णय में सर्वसम्मति को महत्व दिया गया है। वहीं, पत्र में ‘परंपरागत ग्राम प्रधान/ग्राम प्रधान’ का उल्लेख किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।महासभा के सदस्यों के अनुसार पेसा कानून की व्यवस्था में मांझी को पदेन अध्यक्ष की भूमिका प्राप्त है। ऐसे में ग्राम सभा गठन से संबंधित प्रशासनिक निर्देशों में स्पष्टता आवश्यक है, ताकि आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था और पेसा कानून के प्रावधानों के बीच कोई भ्रम न रहे।बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 अगस्त को महासभा का प्रतिनिधिमंडल जिला पंचायती राज पदाधिकारी से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां और मांगें रखेगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से भी मुलाकात करेगा।बैठक में महादेव हांसदा, नाजिर सोरेन, लखी सोरेन, सज्जन मुर्मू, संजीत हेम्ब्रम, शिवलाल मुर्मू, ओबी लाल मरांडी, दरोगा मुर्मू, शिवनाथ मुर्मू, डॉक्टर सोरेन और परेश मरांडी समेत कई सदस्य उपस्थित थे।
पेसा कानून के क्रियान्वयन में विसंगतियों पर मांझी परगना महासभा मुखर, 12 अगस्त को अधिकारियों से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
