न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 14 मई 2026 सालानपुर। सलानपुर ब्लॉक स्थित हिंदुस्तान केबल्स ओल्ड एज होम में गुरुवार को इंसानियत, अपनापन और सामाजिक जिम्मेदारी की अनोखी मिसाल देखने को मिली। चित्तरंजन रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स की ओर से आयोजित आठवीं बटालियन वीक समारोह के तहत अधिकारियों और जवानों ने वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उन्हें आवश्यक खाद्य सामग्री भेंट की। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल आत्मीयता और उत्साह से भरा रहा।11 मई से 15 मई तक मनाए जा रहे आठवीं बटालियन वीक के अवसर पर आरपीएसएफ चित्तरंजन के अधिकारियों ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की, गीत-संगीत में हिस्सा लिया और उनका हालचाल जाना। अधिकारियों ने बुजुर्गों को बिस्कुट, चावल, दाल, तेल, आलू, मसाले सहित कई दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। इस दौरान वृद्धाश्रम में रहने वाले लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।आरपीएसएफ चित्तरंजन के असिस्टेंट कमांडेंट बीरेंद्र सिंह ने बताया कि कमांडेंट ऑफिसर की पहल पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के साथ खड़ा रहना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी इस तरह की सामाजिक गतिविधियां जारी रहेंगी।कार्यक्रम में आरपीएसएफ चित्तरंजन के कमांडेंट ज्वेल कुजूर, असिस्टेंट कमांडेंट बीरेंद्र सिंह, असिस्टेंट कमांडेंट अजय कुमार समेत लगभग 15 अधिकारी और 20 जवान उपस्थित रहे। सभी ने बुजुर्गों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, जिससे वृद्धाश्रम का माहौल भावुक और खुशनुमा बन गया।वृद्धाश्रम की देखरेख कर रहे लोगों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान इस आश्रम को धीरे-धीरे विकसित किया गया था। पहले इसका संचालन पूर्व विधायक विधान उपाध्याय और उनकी टीम की मदद से होता था। बाद में परिस्थितियां बदलने के बावजूद कई समाजसेवी संगठन, पुलिस अधिकारी और आरपीएसएफ के सदस्य लगातार सहयोग करते रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बुजुर्गों को मानसिक मजबूती देने का काम करते हैं। समाज और संस्थाओं की ऐसी सकारात्मक भागीदारी यह संदेश देती है कि जरूरतमंद लोगों के साथ संवेदनशीलता और सहयोग का रिश्ता हमेशा बना रहना चाहिए।
आठवीं बटालियन वीक पर आरपीएसएफ ने बुजुर्गों संग बांटी खुशियां, सलानपुर के ओल्ड एज होम में दिखी संवेदनशील पहल
