न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 7 जुलाई 2026 जामताड़ा। जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही अच्छी बारिश ने किसानों के चेहरे पर नई उम्मीद जगा दी है। समय पर हुई वर्षा के बाद खेतों में पानी भरने लगा है, जिससे खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि धान की रोपनी ने गति पकड़ ली है। जिले में इस वर्ष 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है और इसे पूरा करने के लिए किसान व कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ जुट गए हैं।मंगलवार को नारायणपुर प्रखंड के सोनवाद गांव में एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र भ्रमण पर पहुंचे जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार और प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) इकबाल हुसैन किसानों के बीच पहुंचे। खेतों में महिलाओं और किसानों को धान की रोपनी करते देख दोनों अधिकारी स्वयं भी कीचड़ भरे खेत में उतर गए और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रोपनी करने लगे। अधिकारियों को खेत में काम करता देख ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया और किसानों ने इस पहल की सराहना की।खेत में रोपनी के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से बातचीत कर खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ फसल के लिए बिचड़ा उखाड़ने की सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है। इसके अलावा रोपाई से पहले बिचड़ों का उपचार करने की सलाह दी, ताकि फसलों को शुरुआती बीमारियों और कीटों से बचाया जा सके। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के तहत 52 हजार हेक्टेयर में धान रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक लगभग 10 प्रतिशत क्षेत्र में रोपनी का कार्य पूरा हो चुका है। यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो रोपनी का कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा और निर्धारित लक्ष्य समय पर हासिल कर लिया जाएगा।लगातार हो रही बारिश से किसानों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। खेतों में बढ़ती चहल-पहल यह संकेत दे रही है कि इस बार खरीफ सीजन बेहतर रहने की उम्मीद है। कृषि विभाग भी लगातार गांव-गांव पहुंचकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने और उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहा है।
बारिश बनी किसानों की उम्मीद, खेत में उतरे कृषि अधिकारी; जामताड़ा में धान रोपनी अभियान ने पकड़ी रफ्तार
