न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 26 जून 2026 जामताड़ा। लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे डीवीसी विस्थापितों का आंदोलन गुरुवार को सकारात्मक मोड़ पर पहुंच गया। 25 जून को विस्थापितों ने दिनभर डीवीसी के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन और गेट जाम किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। प्रदर्शन के दौरान विस्थापितों ने अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।धरने के बाद शाम करीब पांच बजे डीवीसी प्रबंधन की ओर से छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें विस्थापितों की कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी और उन्हें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया।वार्ता के दौरान डीवीसी प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत जामताड़ा के विस्थापित गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इन योजनाओं में स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता देते हुए उन्हीं के माध्यम से कार्य कराया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर भी मिल सकें।इसके अलावा जिन विस्थापित परिवारों को अब तक तीन लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें शीघ्र ही साढ़े चार लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जामताड़ा जिले के जिन लोगों की भूमि डीवीसी परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके मामलों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि जलाशय में डूबी भूमि का राजस्व संबंधित जमीन मालिकों से क्यों लिया जा रहा है।विस्थापितों ने अपने पूर्वजों से अधिग्रहित भूमि की लीज अवधि और उससे जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग भी रखी, जिस पर प्रबंधन ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। वर्ष 1978 में जिन विस्थापितों के नाम पैनल से हटा दिए गए थे, उन्हें पुनः सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी दिया गया। वहीं, विस्थापित गांवों में पेयजल संकट को देखते हुए जल्द सर्वे कर नल के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था करने पर भी सहमति बनी।वार्ता के बाद आंदोलनकारियों ने इसे संघर्ष की पहली बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यदि तय समयसीमा में आश्वासन पूरे नहीं किए गए तो आगे की रणनीति बनाकर फिर आंदोलन किया जाएगा।इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष बसु महतो, जामताड़ा जिला अध्यक्ष अकबर अंसारी, पंचेत विस्थापित अध्यक्ष मुख्तार अंसारी, सुरेंद्र मुर्मू, फुरकान अंसारी सहित बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे।
धरना रंग लाया: डीवीसी प्रबंधन और विस्थापितों के बीच बनी सहमति, छह अहम मांगों पर मिला भरोसा
