मजदूरों की सेहत पर विशेष पहल: स्थायी स्वास्थ्य शिविर के दूसरे मासिक आयोजन में 68 श्रमिकों की हुई जांच

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 जून 2026 चित्तरंजन। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रमिक संगठन द्वारा संचालित स्थायी स्वास्थ्य शिविर का दूसरा मासिक सत्र रविवार को अमलादाही स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच कराई और निःशुल्क दवाओं का लाभ उठाया।यह स्वास्थ्य पहल श्रमिक संगठन के पूर्व महासचिव स्वर्गीय आलोक घोष की स्मृति में गत 10 मई को शुरू की गई थी। संगठन के अनुसार इस बार शिविर के लिए 68 लोगों ने पूर्व पंजीकरण कराया था, जिनमें अधिकांश विभिन्न कारखानों में कार्यरत संविदा कर्मी थे। स्वास्थ्य जांच के दौरान मरीजों को आवश्यक परामर्श भी दिया गया।शिविर के सफल संचालन में के.जी. अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एस. महापात्रा और डॉ. कृष्णभानु बंद्योपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों चिकित्सकों ने श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक सलाह प्रदान की। आयोजन के दौरान संगठन के महासचिव राजीब गुप्ता ने चिकित्सकों और स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना करते हुए स्थानीय लोगों से इस जनहितकारी अभियान से जुड़ने की अपील की।संगठन के अध्यक्ष आर.एस. चौहान और स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि श्रमिकों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक महीने के दूसरे रविवार को इस शिविर का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना था कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को अक्सर स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर नहीं मिल पातीं, इसलिए यह पहल उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है।शिविर में पश्चिम बंगाल मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स यूनियन तथा कई सामाजिक सहयोगियों ने निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं। इसके चलते जरूरतमंद लोगों को बिना किसी शुल्क के आवश्यक औषधियां वितरित की गईं। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग मिलता रहेगा, जिससे इस सेवा को नियमित रूप से जारी रखा जा सकेगा।महासचिव राजीब गुप्ता ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं में पोषण की कमी से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत करने के बावजूद संतुलित और पौष्टिक आहार की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में गंभीर पहल करने की मांग की।संगठन ने भविष्य में श्रमिकों के बीच पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और संतुलित खानपान को लेकर विशेष अभियान चलाने की भी घोषणा की है, ताकि मजदूर वर्ग बेहतर स्वास्थ्य के साथ सम्मानजनक जीवन जी सके।

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