न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 24 जुलाई कुल्टी। पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित रामपुर चेक पोस्ट पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में राज्य परिवहन विभाग ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वहां तैनात दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई-एनटी) अनुपम बनर्जी और नजीमुल हक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दी गई है।23 जुलाई 2026 को जारी विभागीय आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर ड्यूटी के दौरान वाहन जांच और कागजात सत्यापन के नाम पर अवैध आर्थिक लाभ लेने तथा रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक उन्हें सेवा से निलंबित रखा जाएगा। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल सर्विस (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) नियम, 1971 के तहत की गई है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।रामपुर चेक पोस्ट लंबे समय से मालवाहक वाहन चालकों और परिवहन कारोबारियों के बीच चर्चा का विषय रहा है। ट्रक चालकों का आरोप रहा है कि चेकिंग और वाहन पास कराने के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की जाती थी। हालांकि पहले इन शिकायतों पर कोई बड़ी सार्वजनिक कार्रवाई सामने नहीं आई थी, लेकिन इस बार विभाग के फैसले ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।परिवहन विभाग ने प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए चेक पोस्ट पर नए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की तैनाती के निर्देश भी जारी किए हैं। वहीं एंटी करप्शन ब्यूरो को मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।दो अधिकारियों के निलंबन से परिवहन विभाग, ट्रक ऑपरेटरों और लॉरी मालिकों के बीच हलचल तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
रामपुर चेक पोस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर कड़ी कार्रवाई, दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर निलंबित
