हुल दिवस की पूर्व संध्या पर सिदो-कान्हू मॉडल स्कूल में गूंजा आदिवासी गौरव, गीत-नृत्य और क्विज से विद्यार्थियों ने दी वीरों को श्रद्धांजलि

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 29 जून 2026 जामताड़ा। हुल दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को सिदो-कान्हू मॉडल स्कूल, नाला में संथाल हुल के महानायक सिदो-कान्हू की स्मृति को समर्पित भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में आदिवासी संस्कृति, देशभक्ति और ऐतिहासिक गौरव का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ सिदो-कान्हू की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं में मेघा मुर्मू और अनुष्का मुर्मू ने पारंपरिक संथाली गीत एवं मनोहारी लोकनृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने संथाल समाज की समृद्ध परंपरा और विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने 1855 के ऐतिहासिक संथाल हुल विद्रोह, सिदो-कान्हू के अदम्य साहस और उनके बलिदान पर अपने विचार व्यक्त किए तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान हुल दिवस पर आधारित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दस विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति रुचि विकसित करना और महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से उन्हें परिचित कराना था।विद्यालय के प्राचार्य प्रीतम सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि सिदो-कान्हू ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के आदर्शों, त्याग और साहस से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। रिया मंडल, अरफा परवेज, साथी मंडल, संगीता माझी, शिल्पी पॉल, सुप्रिया सेन, रिया गोराईं, शिल्पा मित्र, मेघना मंडल और अनुश्री दास सहित अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में बिकास माझी, राजकुमार रॉय, महानंद तिवारी, आलोक दास, जनार्दन चक्रवर्ती, गंगा दास, स्वर्णाली मित्र, पल्लवी रॉय एवं बाबनी माझी सहित अन्य शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन आदिवासी संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता तथा हुल दिवस के प्रेरणादायी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *