फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर समाहरणालय पहुंचा युवक गिरफ्तार, डीसी के जाली हस्ताक्षर और मुहर का खुलासा

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 जून 2026 जामताड़ा। जिला समाहरणालय में क्लर्क पद पर योगदान देने पहुंचे एक युवक की कथित नियुक्ति प्रक्रिया उस समय संदेह के घेरे में आ गई, जब अधिकारियों ने उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद युवक को उसके ससुर के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मामले ने सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली जालसाजी की आशंकाओं को एक बार फिर उजागर कर दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिले के देवरी गांव निवासी रजाक अंसारी अपने ससुर अख्तर अंसारी के साथ जामताड़ा समाहरणालय पहुंचा था। उसने दावा किया कि उसे क्लर्क पद पर नियुक्ति मिली है और वह योगदान देने आया है। प्रारंभिक औपचारिकताओं के दौरान जब संबंधित अधिकारियों ने उसके नियुक्ति पत्र और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की, तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए।जांच में पाया गया कि प्रस्तुत जॉइनिंग लेटर पर जिला उपायुक्त के हस्ताक्षर और कार्यालय की मुहर संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। गहन परीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह स्पष्ट हो गया कि दस्तावेजों में प्रयुक्त हस्ताक्षर और मुहर असली नहीं हैं। इसके अलावा आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों समेत अन्य कागजातों में भी कई तरह की विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए।दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह होने के बाद अधिकारियों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जामताड़ा थाना की टीम समाहरणालय पहुंची और दोनों व्यक्तियों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पुलिस ने समाहरणालय परिसर से ही रजाक अंसारी और उसके ससुर अख्तर अंसारी को हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया, जहां उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में प्रस्तुत दस्तावेजों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि कथित नियुक्ति पत्र किसने तैयार किया और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी प्रकार की धोखाधड़ी या आर्थिक लेन-देन हुआ है या नहीं।मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने वाले नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।

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