तीन पॉकेट गेट खोलने की उठी मांग, मिहिजाम नगर परिषद अध्यक्ष ने चिरेका महाप्रबंधक को भेजा प्रस्ताव

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 30 जून 2026 मिहिजाम। मिहिजाम और चित्तरंजन के बीच आवागमन को सुगम बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। मिहिजाम नगर परिषद की अध्यक्ष जयश्री देवी ने चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (सीएलडब्ल्यू) के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर आमबगान, कुर्मीपाड़ा और कानगोई पॉकेट गेट पर वर्ष 2023 से लागू टोटो (ई-रिक्शा) और बाइक के आवागमन पर लगी रोक हटाने की मांग की है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए इन मार्गों को आम लोगों के लिए खोलने का अनुरोध किया है।अपने पत्र में अध्यक्ष ने कहा है कि सुरक्षा कारणों से इन तीनों पॉकेट गेटों से वाहनों की आवाजाही बंद किए जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हुई है। वर्तमान में केवल पैदल आवाजाही की अनुमति होने से बुजुर्गों, गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें मौसम की परवाह किए बिना लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मिहिजाम और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए चित्तरंजन आते-जाते हैं। टोटो और बाइक सेवा बंद रहने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है तथा लोगों का समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ गए हैं।नगर परिषद अध्यक्ष ने चिरेका प्रशासन की सुरक्षा चिंताओं को उचित बताते हुए समाधान के रूप में कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि तीनों पॉकेट गेटों के दोनों ओर हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा रात के समय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई-मास्ट लाइट और आधुनिक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए। संवेदनशील स्थानों पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अथवा प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की नियमित तैनाती करने का भी सुझाव दिया गया है।जयश्री देवी ने कहा कि यदि इन आधुनिक सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए तो सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता किए बिना टोटो और बाइक के सीमित परिचालन की अनुमति दी जा सकती है। इससे मिहिजाम और चित्तरंजन के बीच रहने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।उन्होंने जनहित और मानवीय आधार पर चिरेका प्रशासन से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। इस पत्र की प्रतिलिपि जामताड़ा के अनुमंडल पदाधिकारी, मिहिजाम थाना, चित्तरंजन पुलिस स्टेशन, रेलवे सुरक्षा बल सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू हो सके।

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